दिल्ली आने के बाद वायुसेना अपनी मेडिकल टीम से सबसे पहले उनकी जांच कराएगी। जिसके लिए विशेषज्ञ नियुक्त किये गए हैं। मेडिकल टेस्ट से गुजरने के बाद विंग कमांडर से वायुसेना के अफसरों की बातचीत होगी, जो दिल्ली में वायुसेना के मुख्यालय में की जाएगी। यही पर इंटेलिजेंस डीब्रीफिंग होगी और इन बीते 2 दिनों के हालत पर बात और पूरी तहकीकात की जाएगी।

वायुसेना के अधिकारी सहित इस पूछताछ में रॉ, आईबी, सेना, गृह मंत्रालय, रक्षा विभाग के वरिष्ट अधिकारी भी शामिल रहेंगे। इस इंटेलिजेंस डीब्रीफिंग का मकसद उन सभी बातो का पता लगाना हैं जो अभिनन्दन के साथ बीते दो दिनों में बीता हैं। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट सरकार को दी जाएगी। अगर भारत ये सोचता है कि कुछ आपत्तिजनक चीजें हुई हैं तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा। भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन की भारत वापसी को लेकर आज पूरे देश में जहां जश्न का माहौल है।

इस बात में कोई शक नहीं कि अभिनंदन ने दुश्मनों के सामने अदम्य साहस और बहादुरी का सबूत दिया है, जिससे हमारा देश गौरवान्वित हुआ है। लेकिन यहां हम आपको बताना चाहेंगे कि इन-सर्विस ला के मुताबिक अभिनंदन को भी अन्य युद्ध कैदियों की तरह पूछताछ की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।

खबरें इस तरह की भी हैं की देर शाम या कल प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से भी अभिनन्दन की मुलाकात हो सकती हैं। यहाँ बताना ज़रूरी हैं की दुश्मन देश से लौटे सैनिको को कभी भी मीडिया के सामने नहीं लाया जाता हैं। न ही उनसे कोई बयाना दिलवाया जाता हैं। ये साड़ी प्रक्रिया बहुत ही गोपनीय तरीके से अंजाम दी जाएगी।

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