स्मार्टफोन से दूर हो सकती है ढेरों बीमारियां

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स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। वहीं हमें अक्सर कहा जाता है कि मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि यह हमारे स्वास्थय को बिगाड़ सकता हैं। हालांकि एक ऐसी स्टडी सामने आई है, जो इस बात को कुछ हद तक गलत साबित करती है।

उन्होंने बताया कि काफी सारी बीमारियों के कनेक्टेड डाइग्नोस्टिक टेस्ट मोबाइल हेल्थ इंटरवेशन को और भी कई ज्यादा बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। जो लोग बदनामी या हिचक के कारण एचआईवी संक्रमण टेस्ट करवाने में हिचकाते हैं, यह उनके लिए सबसे ज्यादा लाभकारी है क्योंकि वह घर पर भी टेस्ट करवा सकते हैं। शोध में डाटा सुरक्षा और निजता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। ऐसे में मरीजो के डेटा और अन्य गोपनिय जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जाने काफी जरुरी हैं।

इसी के साथ आर्टिकल में बताया गया है कि लोग स्मार्टफोन में ऐसी ऐप का यूज कर सकते हैं जो टेस्ट के रिजल्ट बताने के लिए फोन के कैमरा यूज करती हैं। उसी के साथ उन्हें सेंट्रल ऑनलाइन डाटाबेस में अपलोड करने से पहले आसपास के स्थानीय क्लीनिक और स्वास्थ्य कर्मचारियों को फॉरवर्ड करती है। लंदन के इंपीरियल कॉलेज के क्रिस वुड ने बताया कि मोबाइल हेल्थ इंटरवेशन का विकसित करके हेल्थकेयर और शिक्षा से जुड़े कई चुनैतियों को हल किया जा सकता है।

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उन्होंने बताया कि काफी सारी बीमारियों के कनेक्टेड डाइग्नोस्टिक टेस्ट मोबाइल हेल्थ इंटरवेशन को और भी कई ज्यादा बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। जो लोग बदनामी या हिचक के कारण एचआईवी संक्रमण टेस्ट करवाने में हिचकाते हैं, यह उनके लिए सबसे ज्यादा लाभकारी है क्योंकि वह घर पर भी टेस्ट करवा सकते हैं। शोध में डाटा सुरक्षा और निजता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। ऐसे में मरीजो के डेटा और अन्य गोपनिय जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए जाने काफी जरुरी हैं।

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