नर्सरी में दाखिले की रेस

0
36
Children who are yet to get admissions under the 25 percent reserved quota for admissions under RTE along with their parents who say that now even private schools are refusing to accept students even in fee payment owing to delay in admissions.Express Photo By Pavan Khengre,13.09.15,Pune.
नयी दिल्ली: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) में नर्सरी में प्रवेश चाहने वाले जिन बच्चों को ड्रॉ के जरिए पूर्वोत्तर दिल्ली का ईस्ट प्वाइंट स्कूल आवंटित किया गया था, उनके माता-पिता इस समय दुविधा में हैं क्योंकि इस स्कूल ने अपने यहां उपलब्ध सीटों की संख्या के बारे में शिक्षा निदेशालय को गलत जानकारी दी थी।

शिक्षा निदेशालय की निदेशक पदमिनी सिंघल ने बताया, ‘‘सभी स्कूलों से कहा गया था कि वे अपने-अपने संस्थानों में नर्सरी और केजी में उपलब्ध सीट संख्या के बारे में हमें जानकारी दें। वसुंधरा एन्कलेव के द ईस्ट प्वाइंट स्कूल ने खाली सीटों के बजाय गलती से कुल सीट संख्या की जानकारी दे दी थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि दिखाई गई सीटों की संख्या उपलब्ध सीटों से ज्यादा थी, इसलिए कंप्यूटर से निकाले गए ड्रॉ में ज्यादा छात्रों को स्कूल का आवंटन कर दिया गया। यह मामला हमारे संज्ञान में लाया गया है और इसके लिए उपाय किए जा रहे हैं।’’

सिंघल ने कहा, ‘‘पहली सूची के प्रवेश पूरे हो जाने के बाद, हम दूरी के आधार पर छात्रों की प्राथमिकता सूची को देखते हुए उन्हें स्कूलों में प्रवेश देंगे।’’ इस उलझन ने माता-पिता को मुश्किल में ला दिया है क्योंकि स्कूल प्रशासन उनसे कह रहा है कि सीटें पहले ही भर चुकी हैं।

सोनपाल के बेटे को केजी कक्षा में प्रवेश के लिए यह स्कूल आवंटित हुआ था। सोनपाल ने कहा, ‘‘मैं 10 दिन से वहां जा रहा हूं और हमें गेट से ही यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि सीटें भर चुकी हैं। रोजाना स्कूल के बाहर इसी परेशानी से जूझ रहे माता-पिता की लाइन लगी रहती है। यदि सीटें पहले से ही भर गई थीं तो फिर मेरे बेटे को स्कूल आवंटित क्यों किया गया?’’ संपर्क किए जाने पर, स्कूल प्रशासन ने कहा कि सीटें पूरी भर जाने के कारण वे और ज्यादा छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकते।

टिप्पणियां

स्कूल प्रशासन की वरिष्ठ अधिकारी कनुप्रिया ने कहा, ‘‘जो भी अभिभावक यहां आते हैं, हम सभी को बता रहे हैं कि सीटें पहले से ही भर चुकी हैं। स्कूल के बाहर कतारें लगाकर माता-पिता अपना और स्कूल प्रशासन का समय बर्बाद कर रहे हैं। हम उन्हें सलाह देते हैं कि वे शिक्षा निदेशालय से संपर्क करें।’’ इसी बीच, विभाग ने फिर से प्रवेश पूरे करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है।

LEAVE A REPLY